जमीन की कमी को पूरा करने के लिए सिंगापुर ने अब पानी पर सूरज की तरफ मुंह कर लिया है। टेंगह जलालय पर दुनिया के सबसे बड़े अंतर्देशीय फ्लोटिंग सौर फोटोवोल्टिक (PV) प्रणालियों में से एक का औपचारिक उद्घाटन किया गया है। यह परियोजना, जिसकी क्षमता 60 मेगावाट-पीक है, लगभग 45 फुटबॉल मैदानों के बराबर क्षेत्रफल में फैली हुई है। इसका मतलब? सिंगापुर अब अपनी बिजली की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा साफ़ स्रोतों से पूरा करेगा, भले ही उसके पास जमीन बहुत कम हो।
यहाँ बातचीत शुरू होती है: "आखिरकार हमने यह कर दिखाया," एक स्थानीय निरीक्षक ने कहा। लेकिन वास्तविकता थोड़ी और जटिल है। यह केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है; यह एक शहर-राज्य के लिए एक अस्तित्व की रणनीति है। जब आपके पास जमीन खरीदने के लिए अरबों डॉलर हैं, लेकिन जमीन नहीं है, तो आपको इनोवेशन करना पड़ता है। और यही वह जगह है जहाँ सेम्बकॉर्प इंडस्ट्रीज, सिंगापुर की प्रमुख ऊर्जा कंपनी, ने कदम रखा है।
पानी पर तैरती हुई ऊर्जा क्रांति
इस विशाल संयंत्र में 122,000 सौर पैनल लगे हैं जो 45 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले हुए हैं। चित्र बनाएं: एक विशाल नीला जलालय, जिसके ऊपर हज़ारों काले पैनलों की एक जाली तैर रही है। यह दृश्य सिंगापुर की सीमित भूमि उपलब्धता की चुनौती को समझने की कुंजी है। देश ने अपने तटीय क्षेत्रों और जलालयों का उपयोग ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए शुरू किया है ताकि भूमि उपयोग पर दबाव कम किया जा सके।
परिणाम? यह फ्लोटिंग सौर फार्म राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़ा हुआ है और पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने में मदद करता है। हालांकि, अभी भी कुछ विवरण धुंधले हैं। उपलब्ध स्रोत मुख्य रूप से क्षमता और आकार पर केंद्रित हैं, लेकिन किसी विशेष स्थानीय टैरिफ या उपभोक्ता स्तर की बचत का उल्लेख नहीं करते। फिर भी, संदेश स्पष्ट है: सिंगापुर गंभीर है।
सेम्बकॉर्प की भूमिका और राष्ट्रीय लक्ष्य
सेम्बकॉर्प इंडस्ट्रीज को इस परियोजना के डेवलपर के रूप में पहचाना गया है। उनकी रणनीति सरल है: 2025 तक सिंगापुर की सौर ऊर्जा क्षमताओं को चार गुना बढ़ाना। यह कोई छोटा लक्ष्य नहीं है। वर्तमान में, सौर ऊर्जा सिंगापुर की कुल बिजली की जरूरतों का केवल एक छोटा हिस्सा पूरा करती है।
सरकारी नीतियाँ इसे प्राथमिकता देती हैं। सिंगापुर सरकार ने इसे देश की जलवायु कार्रवाई रणनीति के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा है। हलिमा याकोब, राष्ट्रपति of सिंगापुर के नेतृत्व में, देश ने दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु शमन दोनों के लिए सौर ऊर्जा को केंद्रीय भूमिका दी है।
भविष्य की दिशा में कदम
2030 तक, सिंगापुर का लक्ष्य सौर ऊर्जा के योगदान को बढ़ाकर 3 प्रतिशत तक ले जाना है। यह लगभग 350,000 घरों की वार्षिक बिजली आपूर्ति के लिए पर्याप्त माना जाता है। यह आंकड़ा रोमांचक है, खासकर इसलिए क्योंकि यह दर्शाता है कि कैसे एक छोटा सा देश बड़े बदलाव ला सकता है।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। सिंगापुर छतों पर भी सौर प्रणाली स्थापित कर रहा है। उदाहरण के लिए, 15 अगस्त 2024 को एक 30 किलोवाट क्षमता वाला मेटल रूफ सौर माउंटिंग सिस्टम ऑन-ग्रिड हुआ था। यह छोटा प्रोजेक्ट बड़े चित्र का एक हिस्सा है। इसके अलावा, एक नया संयुक्त उद्यम सिंगापुर को इंडोनेशिया स्थित 3.5 गीगावाट सौर परियोजना से बिजली आपूर्ति करने का प्रस्ताव रखता है। यह सीमा-पार सहयोग ऊर्जा क्षेत्र में एक नई युग की शुरुआत हो सकती है।
अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ और सहयोग
"जलवायु परिवर्तन ऊर्जा और पर्यावरण पर सिंगापुर घोषणा" जैसे दस्तावेज़ क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा प्रकाशित इस घोषणा में स्थायी विकास के संदर्भ में जलवायु, ऊर्जा संरक्षण और अन्य पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के प्रति प्रभावी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को स्वीकार किया गया है।
हालांकि, उपलब्ध अंशों में इस घोषणा को अपनाने की सटीक तिथि, हस्ताक्षरकर्ता देशों के नाम या किसी विशेष मात्रात्मक प्रतिबद्धता (जैसे उत्सर्जन कटौती के प्रतिशत) का उल्लेख नहीं दिया गया है। फिर भी, दिशा स्पष्ट है: सहयोग और दीर्घकालिक नीतियाँ आवश्यक हैं।
Frequently Asked Questions
टेंगह जलालय पर फ्लोटिंग सौर फार्म क्या है?
यह दुनिया के सबसे बड़े अंतर्देशीय फ्लोटिंग सौर फोटोवोल्टिक प्रणालियों में से एक है। इसमें 122,000 सौर पैनल हैं जो 45 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले हुए हैं और इसकी क्षमता 60 मेगावाट-पीक है। यह सिंगापुर की सीमित भूमि की समस्या को सुलझाने के लिए बनाया गया है।
सेम्बकॉर्प इंडस्ट्रीज इस परियोजना में क्या भूमिका निभा रही है?
सेम्बकॉर्प इंडस्ट्रीज इस फ्लोटिंग सौर फार्म के डेवलपर हैं। उन्होंने इस परियोजना को विकसित किया है ताकि सिंगापुर 2025 तक अपनी सौर ऊर्जा क्षमताओं को चार गुना बढ़ा सके। यह कंपनी ऊर्जा और शहरी समाधान प्रदाता के रूप में जानी जाती है।
सिंगापुर के 2030 तक के ऊर्जा लक्ष्य क्या हैं?
सिंगापुर का लक्ष्य 2030 तक सौर ऊर्जा के योगदान को बढ़ाकर 3 प्रतिशत तक ले जाना है। यह प्रति वर्ष लगभग 350,000 घरों की बिजली आपूर्ति के लिए पर्याप्त होगा। यह लक्ष्य दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु शमन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या सिंगापुर अन्य देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है?
हाँ, एक नया संयुक्त उद्यम सिंगापुर को इंडोनेशिया स्थित 3.5 गीगावाट सौर परियोजना से बिजली आपूर्ति करने का प्रस्ताव रखता है। यह सीमा-पार सहयोग ऊर्जा क्षेत्र में एक नई युग की शुरुआत हो सकती है, हालांकि अभी तक इसकी सटीक तिथि और विवरण स्पष्ट नहीं हैं।